Friday, 25 January 2013

republic day

गणतंत्र  का जश्न मानाने चले हम 

कही सोच थी तो कही क़ुरबानी 

कही तजुर्बा था तो कही थी जोशीली जवानी 

कही अंहिंसा का अडिग रास्ता तो कही खून बहा बन कर पानी 

लेकिन रस्ते अलग हो तो क्या 

थी सबने आज़ादी ही ठानी 

नतमस्तक है आज हर हिन्दुस्तानी 

ऐ वीरो आज बस तुम्ही हो , बस तुम्ही हो 

बस तुम्हारी ही कहानी ..........जय हिंद 

                                                                                prabhu....